वो तो भला हो मुकेश जी का, वरना नोटबन्दी की इस कंगाली में कितनो का व्हाट्सप्प चलाना भी बन्द हो गया होता। . . मुकेश जी ज़िंदाबाद :joy::joy::joy::joy::laughing::laughing::laughing::laughing:
हद तो तब हो गयी:joy: . . जब स्टेट बैंक के लाइन में खड़ी एक महिला ने जब दूसरी से पूछा की "बहन, आप कल भी यही साड़ी पहन कर आई थी?":yum::laughing::joy::joy::joy:
३१ मार्च तक मार्निंग वॉक की जगह नाइट वॉक करें व वी.आई.पी. और पॉश एरिया में वॉक करें,
२ सेल की टॉर्च व बोरा साथ रखें,
नोट फेंकने का सिलसिला चालू हो गया है । पता नहीं किस सड़क पर किस मोड़ पर किस्मत खुल जाए, लेकिन उठायें उतना ही जितना खपा सकें, बाकि पीछे वालों के लिए छोड़ दें ।
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मै और मेरी पत्नी आज ये बातें करते थे तुम बेंक की लाईन मे आगे खडे रहेना मै भी लाईन मे तुम्हारे साथ रहुंगा लाईन तो बडी लंबी होगी प्यास लगी तो तुम मुझे पानी पीलाना भूख लगी तो मै तम्हे वडापाँव खिलाऊंगा मै और मेरी पत्नी आज ये बातें करते थे
(The Moment They Reached To Bank... There Was A Long Queue....)
ये कहां.... आ गये हम.... युंही साथ साथ चलते कड़ी धूप मे है जानम मेरे जिस्म -ओ-जाँ पीघलते
मजबूर ये हालात इधर भी है उधर भी लम्बी लम्बी ये लाइन इधर भी है उधर भी कहेने को बहुत कुछ है मगर किससे कहे हम कब तक युं ही खामोश रहे और सहे हम दिल कहेता है बेन्क की हरेक लाइन को तोड दे दिवार जो है ढाई हजार निकासी की वो गीरा दे सीधे चले जाए कॅशीयर के पास और कहे हाँ हमे कॅश चाहिए, हमको कॅश दे दे, कॅश दे दे, कॅश दे दे हर दिल मे यही बात इधर भी है उधर भी...