मेरा तो एक ही छोटा सा सूत्र है, छोटा सा संदेश है: भीतर डुबकी मारो। जितने गहरे जा सको, जाओ - अपने में। वही पाओगे जो पाने योग्य है। और उसे पाकर निशिचत ही बांट सकोगे। पृथ्वी तुम्हारे हंसी के फूलों से भर सकती है।।।
मन की आंखो से प्रभु का दीदार करो दो पल का है अन्धेरा बस सुबह का *इन्तजार करो क्या रखा है आपस के बैर मे ए यारो छोटी सी है ज़िंदगी बस *हर किसी से प्यार करो *