. *जिन्दगी जब देती है,* *तो एहसान नहीं करती* *और जब लेती है तो,* *लिहाज नहीं करती*
*दुनिया में दो ‘पौधे’ ऐसे हैं* *जो कभी मुरझाते नहीं* *और* *अगर जो मुरझा गए तो* *उसका कोई इलाज नहीं।* *पहला –* *‘नि:स्वार्थ प्रेम’* *और* *दूसरा –* *‘अटूट विश्वास’*
अगर मैं एक दिन मर जाऊं तो मैं ख़ुशी से जाऊँगा क्योंकि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश की। मेरे खेल ने मुझे ऐसा करने दिया क्योंकि ये दुनिया का सबसे बड़ा खेल है ।
ए “सुबह ” तुम जब भी आना, सब के लिए बस "खुशियाँ" लाना. हर चेहरे पर “हंसी ” सजाना, हर आँगन मैं “फूल ” खिलाना. जो “रोये ” हैं इन्हें हँसाना. जो “रूठे ” हैं इन्हें मनाना, जो “बिछड़े” हैं तुम इन्हें मिलाना. प्यारी “सुबह ” तुम जब भी आना, सब के लिए बस “खुशिया ”ही लाना.