अजीब रिश्ता हैं मेरा ऊपर वाले के साथ जब भी मुसीबत आती हैं न जाने किस रूप मे आता हैं हाथ पकड़ कर पार लगा देता हैं मैं उसके सामने सर झुकाता हूँ वो सबके के सामने मेरा सर उठाता हैं ।
मंजिल मिले ना मिले ये तो मुकदर की बात है! हम कोशिश भी ना करे ये तो गलत बात है... जिन्दगी जख्मो से भरी है, वक्त को मरहम बनाना सीख लो, हारना तो है एक दिन मौत से, फिलहाल जिन्दगी जीना सीख लो..!!.
नदी का पानी मीठा होता है क्योंकि वो पानी देती रहती है। सागर का पानी खारा होता है क्योंकि वो हमेशा लेता रहता है। नाले का पानी हमेशा दुर्गंध देता है क्योंकि वो रूका हुआ होता है।
यही जिंदगी है
देते रहोगे तो सबको मीठे लगोगे। लेते रहोगे तो खारे लगोगे। और अगर रुक गये तो सबको बेकार लगोगे।