मैंने एक बार पढ़ा था -जो लोग दूसरों को पढ़ते और समझते हैं वो बुद्धिमान होते हैं लेकिन जो लोग खुद को पढ़ते और समझते हैं वो प्रबुध्ध होते हैं..! रोबिन शर्मा
पीपल के पत्तों जैसा मत बनिए, जो वक़्त आने पर सूख कर गिर जाते है। अगर बनना ही है, तो मेहंदी के पत्तों जैसा बनिए, जो सूखने के बाद भी, पीसने पर दूसरों की ज़िन्दगी में रंग भर देते हैं।
अगर किसी देश को भ्रष्टाचार – मुक्त और सुन्दर-मन वाले लोगों का देश बनाना है तो , मेरा दृढ़तापूर्वक मानना है कि समाज के तीन प्रमुख सदस्य ये कर सकते हैं. पिता, माता और गुरु...!