मन की आंखो से प्रभु का दीदार करो दो पल का है अन्धेरा बस सुबह का *इन्तजार करो क्या रखा है आपस के बैर मे ए यारो छोटी सी है ज़िंदगी बस *हर किसी से प्यार करो *
अजीब रिश्ता हैं मेरा ऊपर वाले के साथ जब भी मुसीबत आती हैं न जाने किस रूप मे आता हैं हाथ पकड़ कर पार लगा देता हैं मैं उसके सामने सर झुकाता हूँ वो सबके के सामने मेरा सर उठाता हैं ।
*अच्छा वक़्त उसी का होता हैं...* *जो किसी का बुरा नहीं सोचते हैं...*
*श्री कृष्ण जी कहते *मत सोच की तेरा* *सपना क्यों पूरा नहीं होता* *हिम्मत वालो का इरादा* *कभी अधुरा नहीं होता* *जिस इंसान के कर्म* *अच्छे होते है* *उस के जीवन में कभी* *अँधेरा नहीं होता* ..