Early this morning God
gave me 3 baskets of
fruits
- LOVE + HAPPINESS +
PEACE OF MIND
and told me 2 share them
with peal Dear 2 me.
I’m sharing all with U
Good Morning!
बढ़ते कदमो को ना रुकने दे ऐ मुसाफिर;
चाहे रास्ता हो कठिन और मंज़िल हो दूर;
चाहे ना मिले रास्ते में कोई हमसफ़र;
फिर भी झुकना नहीं और पा लेना लक्ष्य को करके बाधाएं सारी दूर।
सुप्रभात !
Nayi Subah Itni Suhani Ho Jaye,Aapke Dukho Ki Sari BatePuraniho Jaye, De Jaye ItniKhushiya Ye Din Aapko, Ke KhushiBhi Aapke Muskurahat KiDiwani Ho Jaye,Good Morning. by-ASWINI
Raat ka andhera ek khwaab laata
hai,
Din ka ujaala ek intezaar laata
hai,
Aap saath ho na ho,
Hawa ka har jhonka aapka ka
ehsaas laata hai
Good Morning.........
G- od
O- offers us
O- utstanding
D- votion to
M- ake us
O- bedient &
R- eady for
N- ew day to
I- nitiate
N- ew aim for the
G- lory of life..
HAVE A NICE DAY
*जलाराम एक बहुत बड़े दानवीर थे। उनकी ये एक खास बात थी कि जब वो दान देने के लिए हाथ आगे बढ़ाते तो अपनी नज़रें नीचे झुका लेते थे।*
*ये बात सभी को अजीब लगती थी कि ये जलाराम कैसे दानवीर हैं। ये दान भी देते हैं और इन्हें शर्म भी आती है।*
*ये बात जब कबीर जी तक पहुँची तो उन्होंने जलाराम को चार पंक्तियाँ लिख भेजीं जिसमें लिखा था* -
*ऐसी देनी देन जु* *कित सीखे हो सेन।* *ज्यों ज्यों कर ऊँचौ करौ* *त्यों त्यों नीचे नैन।।*
*इसका मतलब था कि जलाराम तुम ऐसा दान देना कहाँ से सीखे हो? जैसे जैसे तुम्हारे हाथ ऊपर उठते हैं वैसे वैसे तुम्हारी नज़रें तुम्हारे नैन नीचे क्यूँ झुक जाते हैं?*
*जलाराम ने इसके बदले में जो जवाब दिया वो जवाब इतना गजब का था कि जिसने भी सुना वो जलाराम का कायल हो गया।* *इतना प्यारा जवाब आज तक किसी ने किसी को नहीं दिया।*
*जलाराम ने जवाब में लिखा* -
*देनहार कोई और है* *भेजत जो दिन रैन।* *लोग भरम हम पर करैं* *तासौं नीचे नैन।।*
*मतलब, देने वाला तो कोई और है वो मालिक है वो परमात्मा है वो दिन रात भेज रहा है। परन्तु लोग ये समझते हैं कि मैं दे रहा हूँ जलाराम दे रहा है। ये सोच कर मुझे शर्म आ जाती है और मेरी आँखें नीचे झुक जाती हैं।*:pray::pray: