Pal Pal se banta hai Ehasas,
ehsas se banta hai Vishvas,
vishvas se bante hai Rishte,
aur rishte se banta hai koi Khas,
Wishing a Diwali Jhakas.
*JuSt FrOm SkR*
Ghanu shikhvi jai che zindgi,
Hasavi k radavi jai che zindgi,
Jivi shako tetlu jivi lo karan k,
Ghanu badhu baki rahe che ne puri thai jai che zindgi...
Rahe fulo si zindgi tumhari
.
Chand se bhi jyada haseen ho zindgi tumhari
.
Kahi gam ki parchai na pade aapko
.
Ye hai dua hamari
.
Khushiyo bhari ho zindgi tumhari.
Delightful laddoos Incandecent diyas Whole lot of fun A big stock of masti Lots of mithai Innemurable fireworks Wishing you the best bargain on fun n lots of celebration have an enjoyable diwali mela
ZINDAGI k SACH
(SACH N0.1)
MAA k ilawa koi WAFADAR nhi.
(SACH N0.2)
IZZAT sirf paise ki hai INSAN ki nhi.
(SACH N0.3)
GHAREEB ka koi DOST nhi banta.
Like If u Agree..!!!!
when the book of my life ends,
i knw u will be in its most beautiful chapter
& if i ever get chance to read it
i will start from the page where i meet u..
Independence of JAVA
Power of UNIX
Popularity of WINDOWS
Luxury of .NET
Efficiency of C
Ease of VB
Robustness of ORACLE
Vision of PHOTO SHOP
Vastness of INTERNET
Compactness of JPG
Richness of BMP
Coverage as YAHOO
Reach-ness of GOOGLE And
Security of NORTON!!!
Many many Happy Returns
of Diwali.
*JuSt FrOm SkR*
Welcome To Care center Khushi Ke Liye 1 Dabaye
Muskan Ke Liye 2 dabaye
Mujhse Dosti Ke Liye
3 Dabaye
Mujhse Peecha Chudane Ke Liye apna Gala Dabaye..Waris ali
WAQT aur HAALAAT
Dono Insaan Ki
Zindagi Me
Kabhi Ek Jaise Nahi
Hote
...
WAQT Insaan Ki
Zindgi Badal Deta
HE
.
Or
.
HAALAAT badalte
Me WAQT Nahi lagta!!
Life z complicated...
When u hv standrds, people cal it attitude,
When u r simple, people try 2 cheat,
When u need love,
They find it fun 2 break ur heart...!
*एक औरत अपने परिवार के सदस्यों के लिए रोज़ाना भोजन पकाती थी और एक रोटी वह वहाँ से गुजरने वाले किसी भी भूखे के लिए पकाती थी..।*
*वह उस रोटी को खिड़की के सहारे रख दिया करती थी, जिसे कोई भी ले सकता था..।*
*एक कुबड़ा व्यक्ति रोज़ उस रोटी को ले जाता और बजाय धन्यवाद देने के अपने रस्ते पर चलता हुआ वह कुछ इस तरह बड़बड़ाता- "जो तुम बुरा करोगे वह तुम्हारे साथ रहेगा और जो तुम अच्छा करोगे वह तुम तक लौट के आएगा..।"*
*दिन गुजरते गए और ये सिलसिला चलता रहा..*
*वो कुबड़ा रोज रोटी लेके जाता रहा और इन्ही शब्दों को बड़बड़ाता - "जो तुम बुरा करोगे वह तुम्हारे साथ रहेगा और जो तुम अच्छा करोगे वह तुम तक लौट के आएगा.।"*
*वह औरत उसकी इस हरकत से तंग आ गयी और मन ही मन खुद से कहने लगी की-"कितना अजीब व्यक्ति है,एक शब्द धन्यवाद का तो देता नहीं है, और न जाने क्या-क्या बड़बड़ाता रहता है, मतलब क्या है इसका.।"*
*एक दिन क्रोधित होकर उसने एक निर्णय लिया और बोली-"मैं इस कुबड़े से निजात पाकर रहूंगी।"*
*और उसने क्या किया कि उसने उस रोटी में ज़हर मिला दिया जो वो रोज़ उसके लिए बनाती थी, और जैसे ही उसने रोटी को को खिड़की पर रखने कि कोशिश की, कि अचानक उसके हाथ कांपने लगे और रुक गये और वह बोली- "हे भगवन, मैं ये क्या करने जा रही थी.?" और उसने तुरंत उस रोटी को चूल्हे कि आँच में जला दिया..। एक ताज़ा रोटी बनायीं और खिड़की के सहारे रख दी..।*
*हर रोज़ कि तरह वह कुबड़ा आया और रोटी ले के: "जो तुम बुरा करोगे वह तुम्हारे साथ रहेगा, और जो तुम अच्छा करोगे वह तुम तक लौट के आएगा" बड़बड़ाता हुआ चला गया..।*
*इस बात से बिलकुल बेख़बर कि उस महिला के दिमाग में क्या चल रहा है..।*
*हर रोज़ जब वह महिला खिड़की पर रोटी रखती थी तो वह भगवान से अपने पुत्र कि सलामती और अच्छी सेहत और घर वापसी के लिए प्रार्थना करती थी, जो कि अपने सुन्दर भविष्य के निर्माण के लिए कहीं बाहर गया हुआ था..। महीनों से उसकी कोई ख़बर नहीं थी..।*
*ठीक उसी शाम को उसके दरवाज़े पर एक दस्तक होती है.. वह दरवाजा खोलती है और भोंचक्की रह जाती है.. अपने बेटे को अपने सामने खड़ा देखती है..।*
*वह पतला और दुबला हो गया था.. उसके कपडे फटे हुए थे और वह भूखा भी था, भूख से वह कमज़ोर हो गया था..।*
*जैसे ही उसने अपनी माँ को देखा, उसने कहा- "माँ, यह एक चमत्कार है कि मैं यहाँ हूँ.. आज जब मैं घर से एक मील दूर था, मैं इतना भूखा था कि मैं गिर गया.. मैं मर गया होता..।*
*लेकिन तभी एक कुबड़ा वहां से गुज़र रहा था.. उसकी नज़र मुझ पर पड़ी और उसने मुझे अपनी गोद में उठा लिया.. भूख के मरे मेरे प्राण निकल रहे थे.. मैंने उससे खाने को कुछ माँगा.. उसने नि:संकोच अपनी रोटी मुझे यह कह कर दे दी कि- "मैं हर रोज़ यही खाता हूँ, लेकिन आज मुझसे ज़्यादा जरुरत इसकी तुम्हें है.. सो ये लो और अपनी भूख को तृप्त करो.।"*
*जैसे ही माँ ने उसकी बात सुनी, माँ का चेहरा पीला पड़ गया और अपने आप को सँभालने के लिए उसने दरवाज़े का सहारा लीया..।*
*उसके मस्तिष्क में वह बात घुमने लगी कि कैसे उसने सुबह रोटी में जहर मिलाया था, अगर उसने वह रोटी आग में जला के नष्ट नहीं की होती तो उसका बेटा उस रोटी को खा लेता और अंजाम होता उसकी मौत..?*
*और इसके बाद उसे उन शब्दों का मतलब बिलकुल स्पष्ट हो चूका था-* *जो तुम बुरा करोगे वह तुम्हारे साथ रहेगा,और जो तुम अच्छा करोगे वह तुम तक लौट के आएगा।।*
*" निष्कर्ष "* ========== *हमेशा अच्छा करो और अच्छा करने से अपने आप को कभी मत रोको, फिर चाहे उसके लिए उस समय आपकी सराहना या प्रशंसा हो या ना हो..।* ==========
अगर आपको ये कहानी पसंद आई हो तो इसे दूसरों के साथ ज़रूर शेयर करें..
मैं आपसे दावे के साथ कह सकता हूँ कि ये बहुत से लोगों के जीवन को छुएगी व बदलेगी.:pray::blush:
ઊંઘમાં નસકોરાં બોલતા હોય તેવી સ્ત્રી, નગ્ન સૂઈ જનારો પુરુષ – આ બંને અલ્પાયુ બને છે. દિવસે સંભોગ, રાત્રે જુગાર – આ બંને કાર્યો જીવનના દિવસો ટૂંકા કરે છે. એક વાત હમેશાં ધ્યાનમાં રાખો કે દરેક કામનો એક સમય હોય છે. સમયના ટાંકણે જ કામ કરનારા મહાન બને છે.