नादांनियां झलकती है अभी भी मेरी आदतो से,
मै खुद हैरान हूं कि मुझे इश्क हुआं कैसे.
गुरुर-ए-हुस्न की मदहोशी में उनको ये भी खबर नहीं,
कौन चाहेगा मेरे सिवा उनको उम्र ढल जाने के बाद.
अगर कुछ दाँव पर रख दें, सफ़र आसान होगा क्या?
मगर जो दाँव पर रखेंगे वो ईमान होगा क्या?
कहानी का अहम् किरदार क्यों ख़ामोश है,
कहानी का सफ़र आगे बहुत वीरान होगा क्या?
भिखारी (पिंकी से) : मैडम एक रुपए दे दो।
पिंकी : शर्म नहीं आती, इतने स्मार्ट, खूबसूरत, हैंडसम जवान लड़के हो और भीख मांगते हो?
भिखारी (खुश होकर) : ठीक है तो फिर एक झप्पी ही दे दो।
#भगवान :bust_in_silhouette: तू भी #कमाल_करता :relieved: है, #आँखे :eyes: #ब्लैक_n_व्हाइट :point_up: #देता_है, :relieved: और #ख़्वाब :heart_eyes: #रंगीन_दिखाता :heart: है ।। :relieved::heart: