तेरी ज़ुल्फ़ों से जुदाई तो नहीं माँगी थी
क़ैद माँगी थी रिहाई तो नहींमाँगी थी !!
मैने क्या जुर्म किया आप ख़फ़ा हो बैठे
प्यार माँगा था ख़ुदाई तो नहीं माँगी थी !!
मेरा हक़ था तेरी आँखों की छलकती मय पर
चीज अपनी थी पराई तो नहीं माँगी थी !!
चाहने वालों को कभी तूने सितम भी न दिया
तेरी महफ़िल में रुसवाई तो नहीं माँगी थी !!
दुशमनी की थी अगर वह भी निबाहता ज़ालिम
तेरी हसरत में भलाई तो नहींमाँगी थी !!
अपने दीवाने पे इतने भी सितम ठीक नही
तेरी उलफ़त में बुराई तो नहीं माँगी थी !
प्रेम
तन्हाईयों में मुस्कुराना इश्क है;
एक बात को सबसे छुपाना इश्क है;
यु तो नींद नहीं आती हमें रात भर;
मगर सोते-सोते जागना और जागते-जागतेसोना इश्क है!
मेरी दोस्त बड़ी वो प्यारी है, फूलो की जैसी निर्मल है,
सूरज की जैसी किरने है, बाते भी उस की निर्मल है,
पूजा की जैसी थाली है, चेहरे पर उस के लाली है,
दोस्ती उस की सच्ची है, वो दिल की बोहुत अच्छी है….
मेने :boy: हमेशा 13:07 दिया, :kissing_heart: तुम भी मेरा 07:02 :relaxed: हम 02:09 :couple: को हमेशा 01:07 रहना है, :wink: इस लिये मुझे_छोड़ने :pensive: की गलती 02:12 मत करना...
है धूंध से लिपटी हर राहें
खोये है, मंजिल का पता पायें कैसे?
बडी खामोश है बेबसी,
नि:शब्द है,शब्दों का पता पायें कैसे?
हर रात तेरी यादों का कहर ढाती आयी,
कातिल है अंधेरा,सुबह का पता पायें कैसे?
उलझनें रिश्तों की कुछ ऐसी पायी,
खो चूके है,अब खूद का पता पायें कैसे?