हवा का ज़ोर
भी काफ़ी बहाना होता है;
अगर चिराग किसी को जलाना होता है;
ज़ुबानी दाग़ बहुत लोग करते रहते हैं;
जुनूँ के काम को कर के दिखाना होता है;
हमारे शहर में ये कौन अजनबी आया;
कि रोज़ सफ़र पे रवाना होता है;
कि तू भी याद नहीं आता ये
तो होना था;
गए दिनों को सभी को भुलाना होता है।
गुलसन है अगर सफ़र
जिंदगी का,
तो इसकी मंजिल समशान
क्यों है ?
जब जुदाई है प्यार का मतलब, तो फिर प्यार
वाला हैरान क्यों है ?
अगर जीना ही है
मरने के लिए, तो जिंदगी ये वरदान
क्यों है ?
जो कभी न मिले उससे
ही लग जाता है दिल,
आखिर ये दिल इतना नादान क्यों है
ख्याल में वो...
ख्याल में वो, बेसुरती में वो;
आँखों में वो, अक्स में वो;
ख़ुशी में वो, दर्द में वो;
आब में वो, शराब में वो;
लाभ में वो, बेहिसाब में वो;
मेरे अब हो लो, या जान मेरी लो।
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ए रात सोने दे...
ए रात सोने दे यूं तंग ना किया कर;
बेकार सवालों में पाबंद ना किया कर;
इस के सिवा और भी ज़माने के काम हैं;
तु मेरे ख्यालात बे-ढंग ना किया कर;
दुनियाँ में और लोग भी बस्ते हैं तन्हा;
तु सिर्फ मेरे साथ ही जंग न किया कर;
ए रात सोने दे यूँ तंग ना किया कर;
मज़बूत हूँ, पर इतना भी नहीं हूँ;
दुनिया के सभी ग़म मेरे संग ना किया कर;
ए रात सोने दे यूँ तंग न किया कर।
Jab koyi itna khaas ban jaaye,
Uske bare me hi sochna ehsaas ban jaye
To mang lena khuda se use zindagi k liye,
Isse pahle k wo kisi aur ki saans ban jaaye.
Sirf Najdikiyo Se Mohabbat Hua Nahi Karti,
Fasle Jo Dilon Me Ho To Fir Chahat Hua Nhi Karti
Agar Naraz Ho Khafa Ho To Shikayat Karo Hamse
Khamosh Rahne Se Dilo Ki Duriya Mita Nhi Karti
कही ईसा, कहीं मौला,
कहीं भगवान रहते है;
हमारे हाल से शायद सभी अंजान रहते हैं;
चले आये, तबीयत आज
भारी सी लगी अपन
सुना था आपकी बस्ती में कुछ इंसान
रहते है।