जब तुम्हारा जादू चलेगा
सब तरफ होगी बहार
हर कोई होगा बेक़रार
तुम्हारा इंतज़ार ……………
ना कहीं होगा वैर
ना कहीं होगी घृणा
बस प्यार ही प्यार
तुम्हारा इंतज़ार ……………
हम रोज़ प्रेम दिवस मनाएँग
मेरे दिल की ख्वाहिश है, तू मेरे पास ही रहे,
तेरी आँखों के काजल की, मुझे प्यास सी रहे,
सोनी तेरे दिल मैं, मेरी बात के जज्बात से रहे,
जैसे मेने तुझे चाहा, मुझे तू भी चाहती रहे….
मेरी गली से वो जब भी गुज़रता होगा;
मोड़ पे जा के कुछ देर ठहरता होगा;
भूल जाना मुझको इतना आसान तो न होगा;
दिल में कुछ तो टूट के उसके भी बिखरता होगा।
किसी के दिल पे क्या गुजरी हे वो अनजान क्या जाने,
प्यार किसको कहते हे वो नादान क्या जाने,
हवा के साथ उठा ले गया घर का परिंदा,
केसे बना था ये घोसला वो तूफान क्या जाने.
अगर किसी के प्यार का अंदाज़ा लगाना हो
तो उसकी नाराज़गी एक बार देख लो..
कुंकि जितनी शिद्दत से इंसान नाराज़गी दिखता है.
उतनी ही शिद्दत उसके प्यार में होती है
जलते घर को देखने वालों, फूस का छप्पर आपका है;
आपके पीछे तेज़ हवा है, आगे मुकद्दर आपका है;
उस के क़त्ल पे मैं भी चुप था, मेरा नम्बर अब आया;
मेरे क़त्ल पे आप भी चुप है, अगला नंबर आपका है।