Bekhudi ki zindagi hum jiya nahi karte,
Jaam dusro se chheenkar hum piya nhi karte
Unko mohabbat hai toh aakar izhaar karen,
Peecha hum bhi kisi ka kiya nahi karte..!!
हर तरफ हर जगह...
हर तरफ हर जगह बेशुमार आदमी;
फिर भी तन्हाईयों का शिकार आदमी;
सुबह से शाम तक बोझ ढोता हुआ;
अपनी ही लाश का खुद मज़ार आदमी;
रोज़ जीता हुआ रोज़ मरता हुआ;
हर नए दिन नया इतज़ार आदमी;
हर तरफ भागते दौड़ते का शिकार आदमी;
हर तरफ आदमी का शिकार आदमी;
ज़िंदगी का मुक़द्दर सफ़र दर सफ़र;
आखिरी सांस तक बेक़रार आदमी।
कुछ रिश्ते इस जहाँ में खास होते हैं;
हवा के रूख से जिनके एहसास होते हैं;
यह दिल की कशिश नहीं तो और क्या है;
दूर रहकर भी वो दिल के कितने पास होते हैं।..
tumse pyar kar ke main deewano mein shamil hua,
pal pal teri yad mein jalkar parwano mein shamil hua,
jis anjam ke hone se darta tha usi ka sheekar hua,
aakhir teri barat mein barati bankar shamil hua…
Woh Kya Jane Pyar Ki Keemat Kya Hoti Hai,
Jab Nhi Milta Pyar To Aankhe Kitna Roti Hain,
Kbhi Na Kbhi To Wo Bhi Kisi Se Dil Lagayegi,
Karegi Vo Bewafai To Meri Wafa Ki Yaad Ayegi.
हो गई है पीर पर्वत-सी...
हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए;
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए;
आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी;
शर्त लेकिन थी कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए;
हर सड़क पर, हर गली में, हर नगर, हर गाँव में;
हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए;
सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं;
सारी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए;
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही;
हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए।
सुबह रो-रो के...
सुबह रो-रो के शाम होती है;...
शब तड़प कर तमाम होती है;
सामने चश्म-ए-मस्त साक़ी के;
किस को परवाह-ए-जाम होती है;
कोई ग़ुंचा खिला के बुल-बुल को;
बेकली ज़र-ए-दाम होती है;
हम जो कहते हैं कुछ इशारों से;
ये ख़ता ला-कलाम होती है।
✵➥ बेवफा तेरा :bride_with_veil: मासुम ☜ चेहरा भुल जाने के ➣ काबिल :negative_squared_cross_mark: नहीं ••
तु :bride_with_veil: बहुत ➪ खुबसूरत :ok_hand_tone1:है लेकिन दिल :heart_decoration: लगाने के काबिल नहीं..||•||:ribbon::two_women_holding_hands::flags:||•||