चुप भी रहो सनम , लब से न इश्क की कुछ बात करो
अंखियों में अंखिया डाल, नैनो से प्यार का इज़हार करो
हमको तो तुम्हारी खुबसूरत अदाओं ने ही मार डाला है
अभी तो मोहब्बत की शुरुवात है कुछ तो इंतज़ार करो
तुझे पाने की इसलिए जिद्द नहीं करता,
कि तुझे खोने को दिल नहीं करता,
तु मिलता है तो इसलिए नजरें नहीं उठाते,
कि फिर नजरें हटाने को दिल नहीं करता,
दिल की बात इसलिए तुझ से नहीं करता,
कि तेरा दिल दुखाने को दिल नहीं करता,
ख्वाबो में इसलिए तुझको नहीं सजाते,
कि फिर निंद से जागने को दिल नहीं करता।
मैं :ok_woman: खुद हैरान :no_good:हु की तुझसे :hearts:इतनी :sunglasses:मोहब्बत:kissing_heart: क्यू है मुझे,....!! जब भी:couplekiss: प्यार :cupid:शब्द आता है चेहरा:heart_eyes: तेरा :princess:ही याद:rose: आता है......!!:dancers:
रौशन जमाल-ए-यार...
रौशन जमाल-ए-यार से है अंजुमन तमाम;
देखा हुआ है आतिश-ए-गुल से चमन तमाम;
हैरत गुरुर-ए-हुस्न से शोखी से इज़तराब;
दिल ने भी तेरे सीख लिए हैं चलन तमाम;
अल्लाह रे हुस्न-ए-यार की खूबी के खुद-ब-खुद;
रंगीनियों में डूब गया पैरहान तमाम;
देख तो हुस्न-ए-यार की जादुई निगाहें;
बेहोश एक नज़र में हुई अंजूमन तमाम।
वो मेहँदी वाले हाथ मुझे दिखा के रोये;
अब मैं हूँ किसी और की हूँ मुझे ये
बता के रोये;
पहले कहते थे
कि नहीं जी सकते तेरे बिन;
आज फिर वही बात वो दोहरा के रोये;
कैसे कर लूं उनकी मोहब्बत पे शक यारों;
वो भरी महफ़िल में मुझे गले लगा के रोये।