तेरी उम्मीद तेरा इंतज़ार...
तेरी उम्मीद तेरा इंतज़ार जब से है;
न शब को दिन से शिकायत न दिन को शब से है;
किसी का दर्द हो करते हैं तेरे नाम रक़म;
गिला है जो भी किसी से तेरे सबब से है;
हुआ है जब से दिल-ए-नासुबूर बेक़ाबू;
कलाम तुझसे नज़र को बड़े अदब से है;
अगर शरर है तो भड़के, जो फूल है तो खिले;
तरह तरह की तलब तेरे रंगे-लब से है;
कहाँ गये शबे-फ़ुरक़त के जागनेवाले;
सितारा-ए-सहरी हमकलाम कब से है।
टूटे :broken_heart: जब #Dil :heart: तो #log :two_men_holding_hands: कहते है... #Tumhe उस :princess_tone1: से अच्छी अच्छी #ladki :bride_with_veil_tone1: मिलेगी... पर कोई ये #nahi :x: समझता #jarurat अच्छी :heart_eyes: की नहीं उस #ladki :bride_with_veil_tone1: की होती है... जिससे #Mohabbat :couple_with_heart: है...:heart:
उम्र की राह में रास्ते बदल जाते हैं;
वक़्त की आंधी में इंसान बदल जाते हैं;
सोचते हैं तुम्हें इतना याद न करे लेकिन;
आँख बंद करते ही ख़यालात बदल जाते हैं।
मेरे दिल की ख्वाहिश है, तू मेरे पास ही रहे,
तेरी आँखों के काजल की, मुझे प्यास सी रहे,
सोनी तेरे दिल मैं, मेरी बात के जज्बात से रहे,
जैसे मेने तुझे चाहा, मुझे तू भी चाहती रहे….
जर्जर हौसला मरम्मत मांगता है;
मुश्किल वक्त हिम्मत मांगता है;
उम्र भर नेकी न
की गयी मगर;
अब बुढ़ापे में जन्नत मांगता है;
मुश्किल वक्त...
वफ़ा के सौदे में वो सितमगर मुझसे;
शर्त में बेशर्त मोहब्बत मांगता है;
मुश्किल वक्त...
काफ़िर बेटों का वो खुदा-परस्त बाप;
औलादों के लिए मन्नत मांगता है;
मुश्किल वक्त...
एक रुपया नहीं निकलता उनकी जेब
से;
जिनके लिए माँ का दिल बरकत मांगता है;
मुश्किल वक्त...
अब तो अपनी तबियत भी कुछ जुदा सी लगती है;
सांस लेता हूँ तो ज़ख्मों को हवा सी लगती है;
कभी राज़ी तो कभी मुझसे खफा सी लगती है;
ज़िंदगी तु ही बता कि तु मेरी क्या लगती है।