ओंस की बूँद सी...
ओंस की बूँद सी होती है बेटियाँ;
स्पर्श खुरदरा हो तो रोती हैं बेटियाँ;
रोशन करेगा बेटा तो एक कुल को;
दो दो कुलो की लाज होती हैं बेटियाँ;
कोई नहीं है एक दूसरे से कम;
हीरा अगर है बेटा;
तो सुच्चा मोती है बेटियाँ;
काँटों की राह पर यह खुद ही चलती हैं;
औरों के लिए फूल होती हैं बेटियाँ;
विधि का विधान है;
यही दुनियाँ की रस्म है;
मुट्ठी भर नीर सी होती हैं बेटियाँ।
प्यास वो दिल की...
प्यास वो दिल की बुझाने कभी आया भी नहीं;
कैसा बादल है जिसका कोई साया भी नहीं;
बेरुख़ी इस से बड़ी और भला क्या होगी;
एक मुद्दत से हमें उस ने सताया भी नहीं;
रोज़ आता है दर-ए-दिल पे वो दस्तक देने;
आज तक हमने जिसे पास बुलाया भी नहीं;
सुन लिया कैसे ख़ुदा जाने ज़माने भर ने;
वो फ़साना जो कभी हमने सुनाया भी नहीं;
तुम तो शायर हो क़तील और वो इक आम सा शख़्स;
उस ने चाहा भी तुझे और जताया भी नहीं।
मेरी मेंहदी की महक तेरे तन से मिलेगी,
जद्दोज़हद में उतरी एक पायल तेरे दामन से लिपटी मिलेगी...
सुबह की हया के साथ खुलेगी जब पलके मेरी,
रात की सरगोशियाँ तेरी नजरो में मिलेगी
रिश्ते बनाना इतना आसान होता है
जैसे 'मिट्टी' से 'मिट्टी' पर 'मिट्टी' लिखना ॥
लेकिन...
रिश्ते निभाना उतना ही मुश्किल होता है
जैसे 'पानी' पर 'पानी' से 'पानी' लिखना ॥
tumse pyar kar ke main deewano mein shamil hua,
pal pal teri yad mein jalkar parwano mein shamil hua,
jis anjam ke hone se darta tha usi ka sheekar hua,
aakhir teri barat mein barati bankar shamil hua…
Aaj khuda ne phir puchha tera hasta huya
chehra udas kyun hai?
teri ankhoin me pyas kyun hai?
Jinke pas tere liye waqt hi nhi wohi tere
liye khas kyun hai???