Tumhari pasand hamari chahat ban jaaye,
Tumhari muskrahat dil ki rahat ban jaaye,
Khuda khushiyo se itna khush kar de apko
Ki aapko khush dekhna hmari adat ban jaaye.
Zindagi ye rang dikhati hai kitne,
Gair ho jate hain, ek pal mein apne.
Sapno ki duniya mein kabhi na jana yaar,
Dil toot jata hai, jab toot te hain sapne
Woh Kya Jane Pyar Ki Keemat Kya Hoti Hai,
Jab Nhi Milta Pyar To Aankhe Kitna Roti Hain,
Kbhi Na Kbhi To Wo Bhi Kisi Se Dil Lagayegi,
Karegi Vo Bewafai To Meri Wafa Ki Yaad Ayegi.
मैं :ok_woman: खुद हैरान :no_good:हु की तुझसे :hearts:इतनी :sunglasses:मोहब्बत:kissing_heart: क्यू है मुझे,....!! जब भी:couplekiss: प्यार :cupid:शब्द आता है चेहरा:heart_eyes: तेरा :princess:ही याद:rose: आता है......!!:dancers:
ओंस की बूँद सी...
ओंस की बूँद सी होती है बेटियाँ;
स्पर्श खुरदरा हो तो रोती हैं बेटियाँ;
रोशन करेगा बेटा तो एक कुल को;
दो दो कुलो की लाज होती हैं बेटियाँ;
कोई नहीं है एक दूसरे से कम;
हीरा अगर है बेटा;
तो सुच्चा मोती है बेटियाँ;
काँटों की राह पर यह खुद ही चलती हैं;
औरों के लिए फूल होती हैं बेटियाँ;
विधि का विधान है;
यही दुनियाँ की रस्म है;
मुट्ठी भर नीर सी होती हैं बेटियाँ।
Two hands to hold onto forever,
Two arms to be embraced by eternally,
.
Two eyes to gaze into for always,
Two lips to kiss so passionately.
.
Two souls fused by commitment,
Two names written in the stars above,
.
Two lives intertwined by God,
Two hearts joined by the purest of love.
AWESOME
वो मेहँदी वाले हाथ मुझे दिखा के रोये;
अब मैं हूँ किसी और की हूँ मुझे ये
बता के रोये;
पहले कहते थे
कि नहीं जी सकते तेरे बिन;
आज फिर वही बात वो दोहरा के रोये;
कैसे कर लूं उनकी मोहब्बत पे शक यारों;
वो भरी महफ़िल में मुझे गले लगा के रोये।
हवा का ज़ोर
भी काफ़ी बहाना होता है;
अगर चिराग किसी को जलाना होता है;
ज़ुबानी दाग़ बहुत लोग करते रहते हैं;
जुनूँ के काम को कर के दिखाना होता है;
हमारे शहर में ये कौन अजनबी आया;
कि रोज़ सफ़र पे रवाना होता है;
कि तू भी याद नहीं आता ये
तो होना था;
गए दिनों को सभी को भुलाना होता है।
दर्द जब हद से गुजर जाता हूँ तो रो लेता हूँ;
जब किसी से कुछ कह
नहीं पता तो रो लेता हूँ;
यूँ तो मेला हैं चारों तरफ हमारे, लोगों का मगर;
जब कोई अपना नजर नहीं आता तो रो लेता हूँ।
यूँ तो घुट जाएगा दम कुछ हवा तो आने दो
तोड़ दे जो ख़ामोशी वो सदा तो आने दो
छोड़ देंगें साथ सब जिनकों समझा हमसफ़र
पेश राहों में कोई वाकि़आ तो आने दो
कुछ जुदा तुमसे रहे, कुछ क़दम तन्हा चलें
दरमियां अपने ज़रा फ़ासिला तो आने दो
ढूँढ लेंगें कितने ही रास्ते और मंज़िलें
इस बियाबां में नज़र नक़्शे-पा तो आने दो
हम अकेले ही सही मगर चलते रहे
ये न कहते थे कोई क़ाफ़िला तो आने दो......
कठिन है राह-गुज़र...
कठिन है राह-गुज़र थोड़ी देर साथ चलो;
बहुत कड़ा है सफ़र थोड़ी देर साथ चलो;
तमाम उम्र कहाँ कोई साथ देता है;
ये जानता हूँ मगर थोड़ी दूर साथ चलो;
नशे में चूर हूँ मैं भी तुम्हें भी होश नहीं;
बड़ा मज़ा हो अगर थोड़ी दूर साथ चलो।