इस कदर इस जहाँ में जिंदा हूँ मैं
हो गयी थी भूल अब शर्मिंदा हूँ मैं
मेरी कोशिश है की ना हो तेरी दुनिया में कोई गम
तू आवाज़ दे गगन से एक परिंदा हूँ मैं ...
Pagli मेरी :gift_heart: Äαshiqi_तो :calling:Jioसे भी Բαšт है, Ęκ बार :cupid:Ďįℓ♡ मे उतर के तो देख :couple: बीना Network :couple_with_heart: के ही, तुझेे Unlimited याद आऊंगा . .
दिल मेरा जिस से बहलता...
दिल मेरा जिस से बहलता कोई ऐसा न मिला;
बुत के बने तो मिले अल्लाह का बंदा ना मिला;
बज़्म-ए-याराँ से फिरी बाद-ए-बहारी मायूस;
एक सर भी उसे आमादा-ए-सौदा न मिला;
गुल के ख़्वाहाँ तो नज़र आये बहुत इत्रफ़रोश;
तालिब-ए-ज़मज़म-ए-बुलबुल-ए-शैदा न मिला;
वाह क्या राह दिखाई हमें मुर्शद ने;
कर दिया काबे को गुम और कलीसा न मिला;
सय्यद उट्ठे जो गज़ट ले के तो लाखों लाये;
शैख़ क़ुरान दिखाता फिरा पैसा न मिला।
यूनानी मिश्र और रोमी सब मिट गये जहाँ से;
अब तक मगर हैं बाकी नाम-ओ-निशा हमारा;
कुछ बात हैं के हसती मिटती नहीं हमारी;
सदियों रहा हैं दुश्मन दौर-ए-जहाँ हमारा।
प्रेम
तन्हाईयों में मुस्कुराना इश्क है;
एक बात को सबसे छुपाना इश्क है;
यु तो नींद नहीं आती हमें रात भर;
मगर सोते-सोते जागना और जागते-जागतेसोना इश्क है!
हम दोस्ती इस कदर निभायेगें, अगर ना मिली नौकरी तो बिलकुल नहीं घबरायेगें, बस स्टैण्ड के पास चाय की दूकान लगायेगें, तुम चाय बनाना हम चाय-चाय चिल्लायेगें, जो कमाई होगी उससे अपना जीवन साथ-साथ बितायेगें |
दोनों जहाँ देके वो...
दोनों जहाँ देके वो समझे ये ख़ुश रहा;
यां आ पड़ी ये शर्म की तकरार क्या करें;
थक-थक के हर मक़ाम पे दो चार रह गये;
तेरा पता न पायें तो नाचार क्या करें;
क्या शमा के नहीं है हवाख़्वाह अहल-ए-बज़्म;
हो ग़म ही जांगुदाज़ तो ग़मख़्वार क्या करें।
Translation:
नाचार=जिनका बस ना चले,
हवाख़्वाह=शुभचिंतक,
अहल-ए-बज़्म=महफिल वाले,
जांगुदा=जान घुलाने वाला।