इन दुनिया में :v: दो पौधे ऐसे हैं जो कभी :hibiscus: मुरझाते नहीं, और अगर जो मुरझा गए तो उसका कोई :hospital: इलाज नहीं, पहला :heart: ‘नि:स्वार्थ प्रेम’और दूसरा ‘अटूट विश्वास’
तु ही मिल जाए मुझे बस इतना ही काफी है;
मेरी हर सांस ने बस ये ही दुआ मांगी है;
जाने क्यूँ दिल खिंचा चला जाता है तेरी तरफ;
क्या तूने भी मुझे पाने की दुआ मांगी है।
Bekhudi ki zindagi hum jiya nahi karte,
Jaam dusro se chheenkar hum piya nhi karte
Unko mohabbat hai toh aakar izhaar karen,
Peecha hum bhi kisi ka kiya nahi karte..!!
वो मेहँदी वाले हाथ मुझे दिखा के रोये;
अब मैं हूँ किसी और की हूँ मुझे ये
बता के रोये;
पहले कहते थे
कि नहीं जी सकते तेरे बिन;
आज फिर वही बात वो दोहरा के रोये;
कैसे कर लूं उनकी मोहब्बत पे शक यारों;
वो भरी महफ़िल में मुझे गले लगा के रोये।
यूनानी मिश्र और रोमी सब मिट गये जहाँ से;
अब तक मगर हैं बाकी नाम-ओ-निशा हमारा;
कुछ बात हैं के हसती मिटती नहीं हमारी;
सदियों रहा हैं दुश्मन दौर-ए-जहाँ हमारा।
तुम यहाँ धरती पर लकीरें
खींचते हो;
हम वहाँ अपने लिये नये आसमान ढूंढते हैं;
तुम बनाते जाते हो पिंजड़े पे पिंजड़ा;
हम अपने पंखों में नयी उड़ान ढूंढते हैं।
वफाओं की बातें की हमने जफ़ाओं के सामने;
ले चले हम चिराग़ हवाओं के सामने;
उठे हैं जब भी हाथ बदली हैं क़िस्मतें;
मजबूर है खुदा भी दुआओं के सामने।