Meri uljhi duniya ko tu yu aabad na kar,
beete lamho ko tu firse yaad na kar,
ek ked parinde ka hai tumse bas yahi kehna,
me bhul chuka hu udaan mujhe firse aazad na kar..
pyar unse karo jo use nibhana janta ho, dil usko do jo use sambhalna janta ho, khwab unse rakho jo use apna mane, khwab unse mat rakho jo sirf todna janta ho.
जब हो तुझे मेरी जरुरत
मैं हाज़िर हो जाऊ
जीवन में हो जब बुरा वक़्त
मैं साथ निभाऊ
ख़ुशी मिले तुम्हे जब इस जहाँ में
मैं पीछे खड़ा हो मुस्कुराऊ
जीवन में हर वक़्त तेरी परछाई बन
मैं तेरे साथ चलता जाऊ.
Sawal kuch bhi ho, jawab tum hi ho
Rasta koi bhi ho, manzil tum hi ho
Dukh kitna hi ho, khushi tum hi ho
Arman kitne bhi ho, aarzoo tum hi ho
Gussa kitna bhi ho, pyar tum hi ho,
Khawab koi bhi ho, us me tum hi ho
Kyunki tum hi ho…!! Ab tum hi ho,
Meri ashiqi ab tum hi ho….!!!!!
यार था गुलज़ार था...
यार था गुलज़ार था बाद-ए-सबा थी मैं न था;
लायक़-ए-पा-बोस-ए-जाँ क्या हिना थी, मैं न था;
हाथ क्यों बाँधे मेरे छल्ला अगर चोरी हुआ;
ये सरापा शोख़ी-ए-रंग-ए-हिना थी, मैं न था;
मैंने पूछा क्या हुआ वो आप का हुस्न्-ओ-शबाब;
हँस के बोला वो सनम शान-ए-ख़ुदा थी, मैं न था;
मैं सिसकता रह गया और मर गये फ़रहाद-ओ-क़ैस;
क्या उन्हीं दोनों के हिस्से में क़ज़ा थी, मैं न था।
टूटे :broken_heart: जब #Dil :heart: तो #log :two_men_holding_hands: कहते है... #Tumhe उस :princess_tone1: से अच्छी अच्छी #ladki :bride_with_veil_tone1: मिलेगी... पर कोई ये #nahi :x: समझता #jarurat अच्छी :heart_eyes: की नहीं उस #ladki :bride_with_veil_tone1: की होती है... जिससे #Mohabbat :couple_with_heart: है...:heart:
Tumhari pasand hamari chahat ban jaaye,
Tumhari muskrahat dil ki rahat ban jaaye,
Khuda khushiyo se itna khush kar de apko
Ki aapko khush dekhna hmari adat ban jaaye.
मेरे दिल की ख्वाहिश है, तू मेरे पास ही रहे,
तेरी आँखों के काजल की, मुझे प्यास सी रहे,
सोनी तेरे दिल मैं, मेरी बात के जज्बात से रहे,
जैसे मेने तुझे चाहा, मुझे तू भी चाहती रहे….
हवा बन कर...
हवा बन कर बिखरने से;
उसे क्या फ़र्क़ पड़ता है;
मेरे जीने या मरने से;
उसे क्या फ़र्क़ पड़ता है;
उसे तो अपनी खुशियों से;
ज़रा भी फुर्सत नहीं मिलती;
मेरे ग़म के उभरने से;
उसे क्या फ़र्क़ पड़ता है;
उस शख्स की यादों में;
मैं चाहे रोते रहूँ लेकिन;
मेरे ऐसा करने से;
उसे क्या फ़र्क़ पड़ता है।
मैंने कोशिश के बाद उसे भुला दिया;
उसकी यादों को सीने से मिटा दिया;
एक दिन फिर उसका पैगाम आया;
लिखा था मुझे भूल जाओ और;
मुझे हर लम्हा फिर याद दिला दिया।