भीड़ भाड़ को छोड़ आए हैं बस तन्हाई भाई है.
वहां बहुत बेचैनी भोगी यहां खुमारी छाई है.
वो सवाल अब यहां नहीं हैं जिनके उत्तर मुश्किल थे.
जितनी हमने इच्छा की थी उतनी राहत पाई है.
दिल मेरा जिस से बहलता...
दिल मेरा जिस से बहलता कोई ऐसा न मिला;
बुत के बने तो मिले अल्लाह का बंदा ना मिला;
बज़्म-ए-याराँ से फिरी बाद-ए-बहारी मायूस;
एक सर भी उसे आमादा-ए-सौदा न मिला;
गुल के ख़्वाहाँ तो नज़र आये बहुत इत्रफ़रोश;
तालिब-ए-ज़मज़म-ए-बुलबुल-ए-शैदा न मिला;
वाह क्या राह दिखाई हमें मुर्शद ने;
कर दिया काबे को गुम और कलीसा न मिला;
सय्यद उट्ठे जो गज़ट ले के तो लाखों लाये;
शैख़ क़ुरान दिखाता फिरा पैसा न मिला।
जलते घर को देखने वालों, फूस का छप्पर आपका है;
आपके पीछे तेज़ हवा है, आगे मुकद्दर आपका है;
उस के क़त्ल पे मैं भी चुप था, मेरा नम्बर अब आया;
मेरे क़त्ल पे आप भी चुप है, अगला नंबर आपका है।
1_Wo muje mehndi lage hath dikha
kar royi,
Mai kisi or ki hu bas itna bata k
royi.
Shayad umar bhar ki judai ka khayal
aya tha use,
Wo muje pass apane bitha kar royi.
Dukh ka ehasaas dila kar royi,
Kabhi kehati thi ki main na ji paungi
bin tumhare,
Or aaj ye bat dohara k royi.
Mujse zayad bichhadne ka gum tha
use,
Waqt-E-Rukshant wo muje sine se
laga ke royi.
याद आती है तुम्हारी तो सिहर
जाता हूँ मैं;
देख कर साया तुम्हारा अब तो डर जाता हूँ मैं;
अब न पाने की तमन्ना है न है खोने का डर;
जाने क्यूँ अपनी ही चाहत से मुकर
जाता हूँ मैं।
Kisi Kee Yaad Dil Mein Aaj Bhi Hain,
Bhool Gaye Wo Magar Pyaar Aaj Bhi Hain,
Hm Khush Rehne Ka Dawa To Krte H Magar
Unki Yaad Mein Behte Aansu Aaj Bhi Hain !