जो गुमां करे इस नक्श पे, वो अक्स भी एक खाक है
जिस सादगी में नूर हो, वो हुस्न ही मेहताब है
जिस नजर में खुमार हो,जो जिगर से जांनिसार हो
जिसे जलके ही करार हो, वो इश्क ही आफताब है
tumse pyar kar ke main deewano mein shamil hua,
pal pal teri yad mein jalkar parwano mein shamil hua,
jis anjam ke hone se darta tha usi ka sheekar hua,
aakhir teri barat mein barati bankar shamil hua…
कल रात भी बारिश खूब हुई
और बादल टूट के बरसा था
नदिया कुचे सब जल थल थे
पर सोच का सेहरा प्यासा था
बंद दरवाजे के कुंचो पर
जब बूंदों ने दस्तक दी
एहसास हुआ तुम आये हो
कुछ अंदाज़ तुम्हारे जैसा था
एक मुद्दत से मेरे हाल से बेगाना है;
जाने ज़ालिम ने किस बात का बुरा माना है;
मैं जो जिंदगी हूँ तो वो भी हैं
अना का कैदी;
मेरे कहने पर कहाँ उसने चले आना है।
कुछ रिश्ते इस जहाँ में खास होते हैं;
हवा के रूख से जिनके एहसास होते हैं;
यह दिल की कशिश नहीं तो और क्या है;
दूर रहकर भी वो दिल के कितने पास होते हैं।..
Mujhe Dekh Muskuraya Na Karo, Raaton Ko Khawab Main Aakar Jagaya Na Karo, Mohabbat Hai Yaa Hai Nafrat Humse Saaf Saaf Kehdo, Yuh Khamosh Reh Kar Dil Humara Jalaya Na Karo.
याद आती है तुम्हारी तो सिहर
जाता हूँ मैं;
देख कर साया तुम्हारा अब तो डर जाता हूँ मैं;
अब न पाने की तमन्ना है न है खोने का डर;
जाने क्यूँ अपनी ही चाहत से मुकर
जाता हूँ मैं।