यही हुआ कि हवा ले गई उड़ा केमुझे
तुझे तो कुछ न मिला ख़ाक मेंमिला के मुझे
बस एक गूँज है जो साथ-साथचलती है
कहाँ ये छोड़ गए फ़ासले सदा केमुझे
हो इक अदा तो उसे नाम दूँतमन्ना का
हज़ार रंग हैं इस शोला-ए-हिनाके मुझे
बलन्द शाख़ से उलझा था चाँदपिछले पहर
गुज़र गया है कोई ख़्वाब-सादिखा के मुझे
मैं अपनी मौज में डूबा हुआजज़ीरा हूँ
उतर गया है समन्दर बलन्द पाके मुझे
pyar unse karo jo use nibhana janta ho, dil usko do jo use sambhalna janta ho, khwab unse rakho jo use apna mane, khwab unse mat rakho jo sirf todna janta ho.
इस दिल को अगर तेरा एहसास नहीं होता;
तो दूर भी रह कर के यूँ पास नहीं होता;
इस दिल ने तेरी चाहत कुछ ऐसे बसा ली है;
एक लम्हा भी तुझ बिन कुछ खास नहीं होता।
उन्होंने देखा और हमारे आंसू गिर पड़े;
भारी बरसात में जैसे फूल बिखर पड़े;
दुःख यह नहीं कि उन्होंने हमें अलविदा कहा;
दुःख तो ये है कि उसके बाद वो खुद रो पड़े।
जो गुमां करे इस नक्श पे, वो अक्स भी एक खाक है
जिस सादगी में नूर हो, वो हुस्न ही मेहताब है
जिस नजर में खुमार हो,जो जिगर से जांनिसार हो
जिसे जलके ही करार हो, वो इश्क ही आफताब है
ना पूछो हाल मुझसे #धड़कनो की #रफ़्तार का
असर आज भी है आँखों में मेरे #दीदार का <3
लिख दिया है अपना #अफसाना लफ्ज़ो में तुझको
सुन लो मेरी #आवाज में एक #नगमा #प्यार का ..iii