मेरी मेंहदी की महक तेरे तन से मिलेगी,
जद्दोज़हद में उतरी एक पायल तेरे दामन से लिपटी मिलेगी...
सुबह की हया के साथ खुलेगी जब पलके मेरी,
रात की सरगोशियाँ तेरी नजरो में मिलेगी
मेरी आँखों में...
मेरी आँखों में आँसू आए ना होते;
अगर वो हमें देखकर मुस्कुराए ना होते;
सोचता हूँ अक्सर तन्हाई में मैं;
मेरी ज़िंदगी में काश वो आए ना होते;
ना तड़पते हम उनके लिए इतना;
दिल ने ख़्वाब अगर उनके सजाए ना होते;
ना टूट कर बिखरता मैं इस कदर;
अगर वो मेरे दिल में अपना घर बसाए ना होते।
हम दोस्ती इस कदर निभायेगें, अगर ना मिली नौकरी तो बिलकुल नहीं घबरायेगें, बस स्टैण्ड के पास चाय की दूकान लगायेगें, तुम चाय बनाना हम चाय-चाय चिल्लायेगें, जो कमाई होगी उससे अपना जीवन साथ-साथ बितायेगें |
:couple:साथ :walking:चलने के लिए साथी चाहिए :sob: आंसू रोकने के लिए :innocent:मुस्कान चाहिए :heart: जिंदा रहने के लिए जिंदगी चाहिए और जिंदगी जीने के लिए :point_right::princess:आप चाहिए !!
दोनों जहाँ देके वो...
दोनों जहाँ देके वो समझे ये ख़ुश रहा;
यां आ पड़ी ये शर्म की तकरार क्या करें;
थक-थक के हर मक़ाम पे दो चार रह गये;
तेरा पता न पायें तो नाचार क्या करें;
क्या शमा के नहीं है हवाख़्वाह अहल-ए-बज़्म;
हो ग़म ही जांगुदाज़ तो ग़मख़्वार क्या करें।
Translation:
नाचार=जिनका बस ना चले,
हवाख़्वाह=शुभचिंतक,
अहल-ए-बज़्म=महफिल वाले,
जांगुदा=जान घुलाने वाला।
जब हो तुझे मेरी जरुरत
मैं हाज़िर हो जाऊ
जीवन में हो जब बुरा वक़्त
मैं साथ निभाऊ
ख़ुशी मिले तुम्हे जब इस जहाँ में
मैं पीछे खड़ा हो मुस्कुराऊ
जीवन में हर वक़्त तेरी परछाई बन
मैं तेरे साथ चलता जाऊ.
गुलसन है अगर सफ़र
जिंदगी का,
तो इसकी मंजिल समशान
क्यों है ?
जब जुदाई है प्यार का मतलब, तो फिर प्यार
वाला हैरान क्यों है ?
अगर जीना ही है
मरने के लिए, तो जिंदगी ये वरदान
क्यों है ?
जो कभी न मिले उससे
ही लग जाता है दिल,
आखिर ये दिल इतना नादान क्यों है
ना पूछो हाल मुझसे #धड़कनो की #रफ़्तार का
असर आज भी है आँखों में मेरे #दीदार का <3
लिख दिया है अपना #अफसाना लफ्ज़ो में तुझको
सुन लो मेरी #आवाज में एक #नगमा #प्यार का ..iii