हवा बन कर...
हवा बन कर बिखरने से;
उसे क्या फ़र्क़ पड़ता है;
मेरे जीने या मरने से;
उसे क्या फ़र्क़ पड़ता है;
उसे तो अपनी खुशियों से;
ज़रा भी फुर्सत नहीं मिलती;
मेरे ग़म के उभरने से;
उसे क्या फ़र्क़ पड़ता है;
उस शख्स की यादों में;
मैं चाहे रोते रहूँ लेकिन;
मेरे ऐसा करने से;
उसे क्या फ़र्क़ पड़ता है।
शायद यह वक़्त हम से कोई चाल चल गया;
रिश्ता वफ़ा का और ही रंगों में ढ़ल गया;
अश्क़ों की चाँदनी से थी बेहतर वो धूप ही;
चलो उसी मोड़ से शुरू करें फिर से जिंदगी ।
Me नहीं जानता Kエ :heart_eyes: क्या Googlε हैं, क्या Facεbook हैं, Mε :kissing_heart: तो बस エtna जानता हूँ :sparkling_heart: Tuღ मेरे Wんatsapp हो, और Mε तुम्हारा Status हूँ.
याद आती है तुम्हारी तो सिहर
जाता हूँ मैं;
देख कर साया तुम्हारा अब तो डर जाता हूँ मैं;
अब न पाने की तमन्ना है न है खोने का डर;
जाने क्यूँ अपनी ही चाहत से मुकर
जाता हूँ मैं।
हम उबलते हैं तो भूचाल उबल जाते हैं;
हम मचलते हैं तो तूफ़ान मचल जाते हैं;
हमें बदलने की कोशिश करनी है ऐ दोस्तों;
क्योंकि हम बदलते हैं तो इतिहास बदल जाते है।
बदला न अपने आपको...
बदला न अपने आपको जो थे वही रहे;
मिलते रहे सभी से अजनबी रहे;
अपनी तरह सभी को किसी की तलाश थी;
हम जिसके भी क़रीब रहे दूर ही रहे;
दुनिया न जीत पाओ तो हारो न खुद को तुम;
थोड़ी बहुत तो जे़हन में नाराज़गी रहे;
गुज़रो जो बाग़ से तो दुआ माँगते चलो;
जिसमें खिले हैं फूल वो डाली हरी रहे;
हर वक़्त हर मकाम पे हँसना मुहाल है;
रोने के वास्ते भी कोई बेकली रहे।