यह ना थी हमारी क़िस्मत, कि विसाल-ए-यार होता;
अगर और जीते रहते, यही इंतज़ार होता;
तेरे वादे पर जाएँ हम, तो यह जान झूठ जाना;
कि ख़ुशी से मर ना जाते, अगर ऐतबार होता।
tumse pyar kar ke main deewano mein shamil hua,
pal pal teri yad mein jalkar parwano mein shamil hua,
jis anjam ke hone se darta tha usi ka sheekar hua,
aakhir teri barat mein barati bankar shamil hua…
हम तो मौजूद थे रात में उजालों की तरह;
लोग निकले ही नहीं ढूंढने वालों की तरह;
दिल तो क्या हम रूह में भी उतर जाते;
उस ने चाहा ही नहीं चाहने वालों की तरह।
कलम चलती है तो दिल की आवाज़
लिखता हूँ,
गम और जुदाई के अंदाज़ इ बयान
लिखता हूँ,
रुकते नहीं हैं मेरी आँखों से आंसू,
मैं जब भी उसकी याद में अलफ़ाज़
लिखता ह
एक मुद्दत से मेरे हाल से बेगाना है;
जाने ज़ालिम ने किस बात का बुरा माना है;
मैं जो जिंदगी हूँ तो वो भी हैं
अना का कैदी;
मेरे कहने पर कहाँ उसने चले आना है।
तेरी महोब्बत के प्यासे थे
इसलिए हाथ फैला दिए ऐ सनम
वरना हम तो खुद की जिन्दगी के लिए दुआ भी नहीं करते.
कभी-कभी ऐसा भी होता है!
प्यार का असर जरा देर से होता है!
आपको लगता है हम कुछ नहीं सोचते आपके बारे में!
पर हमारी हर बात में आपका ही जिक्र होता है