जाड़े की धूप, टमाटर का सूप, मूंगफली के दाने, छुट्टी के बहाने, तबीयत नरम, पकौड़े गरम, ठंडी हवा, मुँह से धुँआ, फटे हुए गाल, सर्दी से बेहाल, तन पर पड़े, ऊनी कपड़े, दुबले भी लगते, मोटे तगड़े, किटकिटाते दांत, ठिठुरते ये हाथ, जलता अलाव, हाथों का सिकाव, गुदगुदा बिछौना, रजाई में सोना, सुबह का होना, सपनो में खोना, ;; :: :: ;; स्वागत है सर्दियों का आना….!!! आपको सर्दी की शुभकामनांए…!!!
ग्राहक (दुकानदार से)- भाई साहब, इस कपड़े का क्या रेट है?
दुकानदार- 50 रुपये मीटर
ग्राहक- 40 रुपये मीटर देना है?
दुकानदार- साहब, इतना तो घर में पड़ता है।
ग्राहक- अच्छा तो हम आपके घर से ले लेंगे।
Santa ki loutri lagi aur woh ghar pr jakar apni wife se bola...
Santa- Agar mere loutri lagi to tum kya karogi.
Wife- 50% lekr tumhe chod dhungi.
Santa- yeh le 50 rupye aur nikal yaha se.
बच्चा- मम्मी मैं कल से स्कूल नहीं जाऊंगा।
मम्मी- क्यों बेटा ऐसी क्या बात हो गयी?
बच्चा- मम्मी आज स्कूल में हम सभी बच्चों का वजन किया गया था।
मम्मी- तो क्या हुआ?
बच्चा- मुझे डर है कि अगर रेट अच्छा मिल गया तो ये स्कूल वाले हमें बेच ही ना दें।
अपनी कामवाली बाई को 31 मार्च तक छुट्टी दे दे। :thinking::thinking::stuck_out_tongue_winking_eye::stuck_out_tongue_winking_eye::thinking::stuck_out_tongue_winking_eye:
वो भी तो दस घरो में घूमती है:smiley::smiley::smiley::smiley:
संता (दुकानदार से)- मुर्गा कैसे दिया है।
दुकानदार (संता से)- 80 रुपये, 50 रुपये और 10
रुपये।
संता- 10 रुपये का.. इतना सस्ता क्यों?
दुकानदार- साहब इसे एड्स है।
संता- दे दो खाना है, शादी थोड़ी ही करनी ह
कॉलेज वाली... मसालेदार होती है
पड़ोस वाली... कड़क होती है
ऑफिस वाली... मीठी होती है
घर वाली... फीकी होती है
होटल वाली... मस्त होती है
5 स्टार वाली... महंगी होती है
लेकिन एक बात है यार...
चाय आखिर चाय होती है।
सोच बदलो
पता नहीं दिन भर क्या-क्या सोचते रहते हो..
नेता का बेटा- पापा अच्छा नेता बनने का मंत्र
क्या है?
पिता बेटे को छत पर भेज बोला- कूदो, मैं पकड़ लूंगा।
बेटा कूदा और धड़ाम से गिरा। बेटा- आपने
तो कहा था कि पकड़ लेंगे। पिता- बेटा यही है
राजनीति का पहला मंत्र कि अपने बाप पर
भी भरोसा मत
करो।